हर साल 2 फरवरी को व्यापक रूप से रुमेटीइड गठिया जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

 आजकल आए दिन इंसानों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने की कोशिश की जाती है।

 विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 2019 में वैश्विक स्तर पर लगभग 18 मिलियन मनुष्य रुमेटीइड गठिया से पीड़ित हुए।

इस भयावह आंकड़े को देखकर आजकल के महत्व को समझा जा सकता है।

चूंकि इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, इसलिए इसके बारे में जानकारी होना और भी जरूरी हो जाता है।

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार,

यह बीमारी न केवल आपकी हड्डियों बल्कि आंखों, मुंह, हृदय, त्वचा, फेफड़ों और पाचन तंत्र को भी प्रभावित कर सकती है।

 हमारी हड्डियों में उपास्थि शामिल है,

जो एक संयोजी ऊतक है जो आश्चर्य अवशोषक के रूप में कार्य करता है।

 वे हड्डियों को टूट-फूट से बचाने में भी मदद करते हैं।